डीग में मिलावटी पनीर के दो प्लांटों पर पुलिस का छापा, 1800 किलो पनीर नष्ट; दो आरोपी गिरफ्तार,सोयाबीन तेल, पामोलीन और एसएमपी पाउडर से तैयार किया जा रहा था पनीर; हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सप्लाई की आशंका

डीग। आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ डीग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में थाना कैथवाड़ा पुलिस, जिला डीएसटी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने 23 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कथित मिलावटी पनीर बनाने वाले प्लांटों का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान करीब 1800 किलो मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया।
पुलिस के अनुसार, पहली कार्रवाई गांव जाजमका में शरीफ के मकान के पास संचालित डेयरी पर की गई। यहां सोयाबीन, पामोलीन ऑयल और एसएमपी पाउडर का इस्तेमाल कर कथित तौर पर मिलावटी पनीर तैयार किया जा रहा था। मौके से साहिल पुत्र इस्लाम, निवासी गढ़ी झील पट्टी, थाना कैथवाड़ा को गिरफ्तार किया गया। इस प्लांट से करीब 1600 किलो पनीर मिला, जिसे खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से नमूने लेने के बाद मौके पर नष्ट कराया गया। पुलिस के मुताबिक, प्लांट से जुड़े कुछ अन्य लोग मौके से फरार हो गए।

दूसरी कार्रवाई मांची के जंगल में ग्राम धर्मशाला के पास संचालित डेयरी पर की गई। यहां पुलिस ने अल्ली उर्फ अलीजान पुत्र सुब्बा, निवासी ओलंदा, थाना कैथवाड़ा को गिरफ्तार किया। इस प्लांट से करीब 200 किलो कथित मिलावटी पनीर, 18 कट्टे एसएमपी पाउडर, मशीन क्लीन पाउडर के तीन कट्टे, 11 पीपे रिफाइंड पामोलीन ऑयल और दो पीपे सोयाबीन तेल बरामद किए गए। मौके पर खड़ी एक पिकअप गाड़ी भी जब्त की गई।
पुलिस के अनुसार, दोनों प्लांटों में तैयार पनीर को हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाता था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पनीर के नमूने लिए और दोनों प्लांटों को सील कराया। नमूने जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया के साथ करीब 1800 किलो पनीर नष्ट कराया गया।

इस मामले में थाना कैथवाड़ा पर अलग-अलग प्रकरण संख्या 183/26 और 184/26 दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार बताए गए अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
डीग पुलिस की इस कार्रवाई से मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त संदेश गया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
