मुठभेड़ मामले में इंस्पेक्टर को हाईकोर्ट से राहत, दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक
फर्जी मुठभेड़ के आरोप से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में हुई कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन इंस्पेक्टर इंचार्ज को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने अगली तारीख तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी की एकल पीठ ने विनोद कुमार शुक्ला की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। मामला उस मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने उपेंद्र उर्फ रॉकी को गिरफ्तार किया था। उस समय संबंधित इंस्पेक्टर की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
बाद में उपेंद्र उर्फ रॉकी ने जमानत अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे उसके घर से उठाया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मार दी। उसने पुलिस पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने का भी आरोप लगाया था।
जमानत अर्जी खारिज करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने चार मई 2026 को स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस पार्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक समेत संबंधित थानों के दो प्रभारी निरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें याची इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
मामले में याची की ओर से दर्ज मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश कानूनन उचित नहीं है।
हाईकोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली तारीख तक संबंधित मामले में याची के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
