अमृतसर में हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 17 आरोपी गिरफ्तार; 15 पिस्तौल, 10 किलो से अधिक हेरोइन और ड्रग मनी बरामद,पाकिस्तान से आई थी खेप

अमृतसर। नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतसर देहात और कमिश्नरेट पुलिस ने अलग-अलग मामलों में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 पिस्तौल, 10 किलो से अधिक हेरोइन, 1 किलो 476 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस), करीब 13 लाख रुपये की ड्रग मनी, जिंदा कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार, हथियारों और नशे की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब पहुंचाई जा रही थी।
अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि अमृतसर देहात पुलिस ने इंटेलिजेंस, ह्यूमन इंटेलिजेंस और आईटी के माध्यम से कार्रवाई करते हुए सात पिस्तौल बरामद किए। इनमें तीन विदेशी निर्मित और चार पाकिस्तान में बने 30 बोर के पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस ने 1.476 किलो मेथामफेटामाइन और करीब 1.5 किलो हेरोइन भी बरामद की। इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं।
वहीं, कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आठ पिस्तौल बरामद किए। इनमें तीन 30 बोर, चार 9 एमएम ग्लॉक और एक 32 बोर पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा 8 किलो 536 ग्राम हेरोइन, करीब 13 लाख रुपये की ड्रग मनी, जिंदा कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की गई। इस मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल शूटिंग, हत्या, सुपारी किलिंग, रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन और घरों-दुकानों पर फायरिंग जैसी आपराधिक वारदातों में किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े लोगों की पहचान में जुटी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर आने वाले दिनों में बड़े तस्करों और कथित गैंगस्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एक की उम्र 46 वर्ष है, जबकि अधिकांश आरोपी 20 से 26 वर्ष की उम्र के हैं। पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क के तार पंजाब के अलावा राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
युवाओं को गैंगस्टरों और अपराध की दुनिया से दूर रखने के लिए पंजाब पुलिस ने ‘सही राह’ अभियान शुरू करने की जानकारी भी दी है। अभियान के तहत गांवों में गुरुद्वारों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यदि कोई युवा अनजाने में ऐसे नेटवर्क के संपर्क में आ गया है तो वह बिना डर पुलिस से संपर्क कर सकता है। पुलिस ऐसे युवाओं को अपराध की राह से वापस मुख्यधारा में लाने का प्रयास करेगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि हथियार और नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को सीधे थाना, पुलिस चौकी, एसएसपी या डीएसपी कार्यालय तक पहुंचाएं। पुलिस का लक्ष्य युवाओं को अपराध से दूर रखने के साथ नशे और अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
